जांजगीर-चांपा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सरकारी स्कूल की छत गिरने से कई छात्र और छात्राएं हुवे घायल लाया गया जिला अस्पताल घायल,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU

जांजगीर-चांपा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सरकारी स्कूल की छत गिरने से कई छात्र और छात्राएं हुवे घायल लाया गया जिला अस्पताल घायल,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर
जांजगीर-चांपा जिले के पुटपुरा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के जर्जर भवन की छत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना से अभिभावक और छात्र दहशत में हैं, और शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

घटना का विवरण

मंगलवार को कक्षा छठवीं के विद्यार्थी अपने क्लासरूम में पढ़ाई कर रहे थे। उसी समय अचानक से छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे कई बच्चे चोटिल हो गए। बताया जा रहा है कि इस घटना में 4 छात्राएं और 1 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें समर राठौर, पूनम राठौर, मानसी यादव, राधिका और शिक्षा यादव शामिल हैं। इन बच्चों के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं

पुराना और जर्जर भवन बना हादसे की वजह
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय 1999 मे बना है,जिसके छत मे पानी कर ठहरा होने से यह स्कूल भवन काफी समय से जर्जर स्थिति में था। दीवारों और छत में सीपेज हो रहा था,,और जगह-जगह से प्लास्टर गिरने की आशंका पहले से ही थी। लेकिन इसके बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
टीकम थवाइत ( हेड मास्टर, पुटपुरा स्कूल )
घटना ने उठाए गंभीर सवाल
इस घटना ने शिक्षा विभाग की लापरवाही और अनदेखी को उजागर कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग की उदासीनता ने कई परिवारों को संकट में डाल दिया है। इस हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है, और वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
दीक्षा यादव ( छात्रा )
रमेश यादव ( परिजन )
अस्पताल में इलाज जारी

घायल बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें आगे भी चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होगी।इस हादसे ने जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया है और शिक्षा विभाग को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।



