कलेक्टर जन्मेजय महबे ने गाया गाना दिल छू लेने वाला गीत,पूर्व छात्रों की खुशियों में कलेक्टर भी हुए शामिल,कलेक्टर जय महोबे ने मित्र मिलन समारोह में गाया शानदार गीत,गुरु के प्रति सम्मान के बीच कलेक्टर ने स्वर से बढ़ाई उत्सव की रौनक

जिंदगी क्या है यह सवाल हर किसी के जहन मे उठता है,,और हर कोई अपनी जिन्दगी अपने अंदाज मे जीने की कोशिश करता है लेकिन रिटायरमेन्ट के बाद जिंदगी मे निराशा और उलझन भरा हो जाता है,,लेकिन हम आपको कुछ ऐसे लोगो से मिला रहे है जो 65 साल पूरा करने के बाद भी एक बार फिर अपनी बचपना मे चले गए और सभी तनाव से मुक्त होकर बचपन की यादो मे खो गए,,ये ग्रुप गई गवर्नमेंट मल्टीपरपस स्कूल बिलासपुर के पास आउट स्टूडेंट का,,जो आज वर्षो बाद अपने बचपन के दोस्तों से मिल कर गदगद हो गए और इस खुशी का इजहार कुछ ख़ास ढंग से किया,,और जिसे देख कर कलेक्टर भी अपने आप को नहीं रोक सके और गाना गा कर कार्यक्रम मे चार चाँद लगा दिया,,पेश है एक रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा जिला के एक होटल मे ख़ास कार्यक्रम का आयोजन किया गया,,जिसे मित्र मिलन समारोह का नाम दिया गया,,और इसमें 1973 सन मे बिलासपुर के मल्टीपरपस स्कूल से पास आउट छात्रों का बेच शामिल रहा,,जिसमे सपत्नीक मित्र मंडली पहुचे,,इन्होने स्कूल के केमेस्ट्री शिक्षक एच जी महोबे को याद किया,,और उनके पुत्र जांजगीर कलेक्टर को भी सपत्नीक मुख्य अतिथी के रूप मे आमंत्रित किया,,स्वागत सत्कार के बाद अपने जिन्दा दिली का उदाहरण पेश करते हुए शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी और इसी तरह एक दूसरे के सुख दुख मे सहभागी बनने के लिए इस तरह के आयोजन करने की बाट कही,,अपने पिता के शिष्यों के इस उत्साह और गुरु के प्रति समर्पण की भाव को देखते हुए कलेक्टर जन्मे जय महोबे ने कहा कि गुरु का स्थान आज भी सर्वोपरि है,,आज जो उत्साह 1973 बेच के लोगो मे है,,इस देख कर यही लगता है कि वो जमाना कैसा रहा होगा जब सभी युवा रहे होंगे,,उन्होंने लोगो के अनुभव सुनने के बाद बताया कि गुरु अगर कभी डांट फटकार भी लगाते है तो उसका परिणाम भी सुखद होने वाला रहता है,,आज जो भी इस कार्यक्रम मे शामिल हुए है किसी ना किसी क्षेत्र मे महारथ हासिल कर चुके है और अपने बच्चो को भी आगे बढ़ाने मे प्रयास किया है,,जिस तरह आज इन्हे हँसता हुआ देखा उसी तरह हमेशा खुश रहने की कामना करते हुए एक शानदान गाना गा कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ा दी,,1973 मे बिलासपुर के मल्टीपरपज स्कूल मे 11 वी पास करने के बाद अधिकांश छात्र अलग अलग क्षेत्र मे चले गए थे,लेकिन कुछ साथियो का एक दूसरे से सम्पर्क बना रहा और जिसका परिणाम सुख पहुंचाने वाला मिला और सभी मित्र अपने परिवार के साथ एक दूसरे को फिर से मिल कर खुश है



