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लंबे समय तक नहीं चल सकी भ्रष्ट्राचार की नीव पहले डीएमएफ फिर गौठान और रीपा में जम कर की राशि का बंदरबाट

लंबे समय तक नहीं चल सकी भ्रष्ट्राचार की नीव पहले डीएमएफ फिर गौठान और रीपा में जम कर की राशि का बंदरबाट


नेताओं के साथ लंबी सेटिंग और उच्च अधिकारियों के चहेती होने की दम पर पर संयुक्त कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ के महत्वपूर्ण पर पद पर पदस्थ होते ही भ्रष्ट्राचार की लंबी फेहरिस्त की सिरमौर बन चुकी डॉक्टर ज्योति पटेल ने खूब जिला में विकास कार्य के नाम पर अपने चाहते को ठेकेदार बनाकर खूब लूटी पहले डीएफ फिर गौठान में रीपा प्रोजेक्ट के माध्यम से ठेका देकर ठेकेदारों से पहले प्रति रूपा योजना अंतर्गत 15% की कमीशन की बात जोरो से उठी लेकिन ऊंची पहुंच रखने वाली डॉक्टर ज्योति पटेल ने मीडिया पर दबाव बनाते हुए कई धमकियां दे डाली थी लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं था कि भ्रष्ट्राचार की नीव बहुत कमजोर होती है और लंबे समय तक नहीं चल पाती इससे अनजान खूब लूट मचाई अपने अधीनस्थ कर्मचारी से अच्छी सेटिंग कर खूब कमीशन लूटी और आखिरकार जिला पंचायत सीईओ की पद ज्यादा दिन तक नहीं बचा सकी आने वाले दिनों में इसकी शिकायत कर जांच करने की बात गांव सहित शहर की हर गलियों में जोर-जोर से चर्चा हो रही है क्योंकि पूर्व में भी यहां पदस्थ रहे जिला पंचायत सीईओ की ऊपर शिकायत होने के बाद कार्यवाही हुआ इस बार भी सरकार की संरक्षण होने के कारण सीधे राज्यपाल से शिकायत होने पर डॉक्टर ज्योति पटेल की ट्रांसफर राज्यपाल के आदेश से हुआ है।

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