एनएचएम कर्मचारियों ने सौंपा मांग पत्र, कहा,,माँगे नहीं मानी गई तो होगा बड़ा आंदोलन

जांजगीर-चांपा – छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हजारों संविदा कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी संघ ने आज से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है

इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के कर्मचारियों ने पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश, अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह और जांजगीर विधायक व्यास कश्यप को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
जिला इकाई के प्रमुख डॉ. अमित मिरि के नेतृत्व में डॉ. सुशील सूर्यवंशी, डॉ. ऋतुराज सिंह, डॉ. वसुंधरा कश्यप, डॉ. कार्तिक बघेल, मनोज सोनी, कांति देवांगन, सौरभ सोनी, अनामिका, सुषमा, गीतांजलि, संजीता, अनंता, अमित साइटोंडे, योगेन्द्र समेत कई कर्मचारियों ने विधायकों से मुलाकात कर सरकार से मांगों को विधानसभा के मानसून सत्र में उठाने की अपील की।
ये हैं प्रमुख मांगे
1. संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
2. 27% वेतन वृद्धि
3. ग्रेड-पे का निर्धारण
4. स्थानांतरण नीति लागू हो
5. सेवा शर्तों में सुधार
6. अन्य विभागों जैसी सुविधाएं
7. रोजगार की सुरक्षा
8. मातृत्व व पितृत्व अवकाश
9. वार्षिक वेतनवृद्धि
10. स्वास्थ्य बीमा व भत्ते
आंदोलन की रूपरेखा भी तय:
10 जुलाई: विधायकों को सौंपा गया ज्ञापन
11 जुलाई: भाजपा जिलाध्यक्षों को ज्ञापन
12 से 16 जुलाई: काली पट्टी लगाकर कार्यस्थल पर विरोध
16 जुलाई: विशेष ज्ञापन दिवस (कलेक्टर के माध्यम से सरकार को)
17 जुलाई: रायपुर में विशाल प्रदर्शन और विधानसभा घेराव
कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तो इसका असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



