बारिश और बाढ़ से निपटने प्रशासन अलर्ट, जिले में कंट्रोल रूम शुरू, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष यानी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही जिले की सभी तहसीलों में भी अलग-अलग कंट्रोल रूम शुरू कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 07817-222032 रखा गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर एवं बाढ़ राहत शाखा के प्रभारी अधिकारी देवेन्द्र कुमार चौधरी को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। किसी भी आपदा या आपात स्थिति की जानकारी उनके मोबाइल नंबर 9424164556 पर भी दी जा सकती है।
प्रशासन ने जांजगीर, अकलतरा, चांपा, बलौदा, नवागढ़, शिवरीनारायण, बम्हनीडीह, सारागांव और पामगढ़ सहित जिले की सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी और कंट्रोल रूम प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। इन अधिकारियों को 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने और सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल को मौके पर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न करें। जिन पुलों, पुलियों या सड़कों के ऊपर पानी बह रहा हो, उन्हें पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। तेज बहाव वाले नदी-नालों के पास जाने से बचें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों पर न जाने दें।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं जलभराव, बाढ़, कटाव या किसी अन्य प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति बनती है तो उसकी जानकारी तुरंत जिला कंट्रोल रूम या संबंधित तहसील के कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
कलेक्टर ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस तथा बचाव दलों का पूरा सहयोग करें। प्रशासन का उद्देश्य लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसके लिए सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।



