जांजगीर-चांपा पुलिस का प्रहार – 1.62 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार

जांजगीर चाम्पा। विजय कुमार पाण्डेय (IPS) पुलिस पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के निर्देशन एवं उमेश कुमार कश्यप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर एवं यदुमणि सिदार SDOP चांपा के मार्गदर्शन में ’’म्यूल अकाउंट’’ के विरूद्ध साइबर क्राईम पोर्टल में रिपोर्टेड म्यूल बैंक अकाउंट की जांच करने हेतु योजना तैयार कर साइबर टीम जांजगीर को निर्देशित किया गया था। प्रारम्भिक जांच पर नेशनल साइबर क्राईम पोर्टल में संदिग्ध्य पाये गय बैंक खातो को चिन्हांकित किया गया है ’’म्यूल बैंक’’ अकाउंट की जांच की गई।जांच कार्यवाही में पीड़ितों की पहचान कर उनसे घटना के संबंध में जानकारी एकत्र किया गया।
साइबर क्राईम पोर्टल की रिपोर्ट, बैंक खाता में हुए ट्रांजेक्शन, एक ही व्यक्ति के अधिक बैंक अकाउंट एवं अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर बैंक अकाउंट खुलवाने तथा अकाउंट का डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फर्जी ऐप, क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट, गूगल रिव्यू टास्क, टेलीग्राम टास्क, बैंक केवाईसी अपडेट एवं गूगल सर्च जैसे साइबर अपराध में उपयोग करने वाले लोगों को चिन्हांकित किया गया। जिले के सायबर टीम एवं थाना चांपा से पुलिस अधिकारी व कर्मचारियोें की अलग अलग टीमें बनाकर आरोपियों की पतासाजी करते हुये 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
’मनी म्यूल’’ बनना एक गंभीर अपराध है’, अगर आप अपने खाते को सर्विस चार्ज के बदले बेचते हो, उपयोग करने देते हो, आप इसे जानबूझकर करें या अनजाने में, कभी कभी साइबर ठगी के मामले में ठग आपको लाभ पहुंचाने के लिए ठगी की रकम किसी अन्य खाते से छल पूर्वक आपके खाते में ट्रांसफर कर देते है, आपको लगता है की आपने किसी स्कीम के तहत इनाम या निवेश में मुनाफा या अन्य वजह से आपके खाते में पैसा आया है लेकिन रकम विवादित हो सकता है जिससे आपका खाता फ्रीज भी हो सकता है।



