जांजगीर-चाम्पा में नेशनल लोक अदालत बनी न्याय की मिसाल, एक ही दिन में 26 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा

जांजगीर-चाम्पा जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से लोगों को एक ही मंच पर त्वरित और सरल न्याय मिला।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश और के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय, सभी तालुका न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
जिला न्यायालय जांजगीर में नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शक्ति सिंह राजपूत द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर सभी न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ, जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, विधि छात्र और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक मामलों के आपसी समझौते से निराकरण पर जोर दिया।
26,865 प्रकरणों का हुआ निराकरण
नेशनल लोक अदालत के तहत जिले में 40 खंडपीठों में कुल 41,379 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 26,865 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इससे हजारों लोगों को वर्षों से चले आ रहे विवादों से राहत मिली।
योजनाओं का लाभ और जागरूकता स्टॉल
नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा जागरूकता स्टॉल लगाए गए।

- दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल और श्रवण यंत्र वितरित किए गए
- महिलाओं को स्व-सहायता समूह अनुदान व नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत चेक प्रदान किए गए
- बच्चों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मिला
- गोद भराई, पोषण आहार, आंगनबाड़ी बच्चों के खिलौने और स्थानीय खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई गई

नेशनल लोक अदालत की सफल कहानियाँ
1. बिखरा परिवार फिर जुड़ा
कुटुंब न्यायालय जांजगीर में पति-पत्नी के बीच वर्ष 2022 से चल रहे पारिवारिक विवाद का सुखद अंत हुआ। भरण-पोषण से जुड़े इस मामले में नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के बाद पत्नी ने अपने पति के साथ बच्चों सहित फिर से रहने की सहमति दी। समझौते के बाद मामला लोक अदालत में ही समाप्त कर दिया गया।
2. चेक बाउंस का मामला आपसी सहमति से सुलझा
लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस (धारा 138) के एक अपील प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ। समझौते के तहत अपीलार्थी द्वारा उत्तरवादी को 1 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जिसके बाद मामला समाप्त कर दिया गया।
नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर साबित किया कि आपसी सहमति और संवाद से बड़े से बड़े विवाद भी आसानी से सुलझाए जा सकते हैं। जांजगीर-चाम्पा जिले में यह आयोजन न्याय, राहत और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।




