पावर हाउस के नाम से मशहूर जांजगीर चांपा में 30 साल से अंधेरे में 5 परिवार,खंभा लगाने पहुंचे ठेकेदार को रोकने का आरोप

जांजगीर चांपा जिले को बिजली और पावर के लिए जाना जाता है,लेकिन इसी जिले के एक गांव में आज भी कुछ परिवार बिजली की रोशनी का इंतजार कर रहे हैं,मामला पामगढ़ ब्लॉक के झूलन पकरिया गांव का है,जहां गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले 5 परिवार पिछले करीब 30 साल से बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों में करीब 25 लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान तो बनाकर दे दिए गए,लेकिन उनके घरों तक आज तक बिजली के खंभे नहीं पहुंच पाए,बिजली कनेक्शन के लिए ग्रामीण कई सालों से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं और कलेक्टर कार्यालय में भी कई बार आवेदन दे चुके हैं।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत की थी,शिकायत के बाद जब बिजली खंभा लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई और विद्युत ठेकेदार गांव पहुंचा,तो ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सरपंच,पंच और बीडीसी ने ठेकेदार को काम करने से रोक दिया।इसके बाद ठेकेदार को बिना खंभा लगाए ही वापस लौटना पड़ा,मामले की शिकायत लेकर पीड़ित परिवार और ग्रामीण अब कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हैं,उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली की व्यवस्था कराने की मांग की है,ग्रामीणों का कहना है कि जब उनके लिए मकान बन सकता है,तो उन मकानों तक बिजली भी पहुंचनी चाहिए,ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया,तो वे कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना देने के लिए मजबूर होंगे,अब देखना होगा कि 30 साल से बिजली का इंतजार कर रहे इन परिवारों के घरों तक आखिर कब बिजली की रोशनी पहुंचती है।



