जांजगीर के धुरकोट गांव में फूड प्वाइजनिंग का बड़ा हादसा: एक बच्चे की मौत,तीन अस्पताल में भर्ती

जांजगीर चांपा जिले के धुरकोट गांव में फूड प्वाइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है,,एक ही परिवार के चार बच्चे अचानक बीमार हो गए,,जिनमें से एक 12 साल के बच्चे की इलाज से पहले ही मौत हो गई,,वहीं तीन बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है,,घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है
जानकारी के मुताबिक जांजगीर जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित धुरकोट गांव में बच्चे अपने मामा घर छुट्टियां मनाने आए थे,,ये बच्चे कोटगढ़,,दल्हा पोड़ी,,अवरीद और खटोला गांव से पहुंचे थे,,परिजनों ने बताया कि रविवार को बच्चों की नानी जांजगीर से तरबूज खरीदकर लाई थीं,,शाम को सभी बच्चों ने मिलकर तरबूज खाया और रात में खाने में चिकन भी खाया था,,देर रात 12 साल के अखिलेश धीवर की तबीयत अचानक बिगड़ गई,,उसे पेट दर्द,,उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी,,रातभर परिजन घर में ही उसका इलाज करते रहे,,लेकिन सुबह उसकी हालत और खराब हो गई,,गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी,,लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही अखिलेश ने दम तोड़ दिया,,इसके बाद 13 साल के भूपेंद्र धीवर, हिमेश धीवर और श्री धीवर की भी तबीयत खराब हो गई,,तीनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया,,जहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया,,फिलहाल तीनों बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है,,जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि मृत बच्चे को अस्पताल लाया गया था,,लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी,,शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और मौत की असली वजह जानने की कोशिश की जा रही है,,डॉक्टरों के मुताबिक मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है,,लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि हालत तरबूज खाने से बिगड़ी या चिकन से डॉक्टरों ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग कई कारणों से हो सकती है,,फल अगर ठीक से साफ नहीं किए जाएं,,लंबे समय तक कटे रखे जाएं या उन पर ज्यादा रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल किया गया हो,,तो वे नुकसान पहुंचा सकते हैं,,इसके अलावा खाने-पीने की चीजों को ज्यादा देर तक खुले में रखने से भी संक्रमण फैल सकता है,,डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि फल और खाने की चीजों को अच्छी तरह साफ करके ही उपयोग करें और लंबे समय तक कटे फल या बासी भोजन खाने से बचें।



