09 मई को जांजगीर चांपा में लगेगी नेशनल लोक अदालत,आपसी समझौते से होंगे मामलों के त्वरित निराकरण

जांजगीर चांपा जिले में 09 मई शनिवार को दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा,,जिला न्यायालय जांजगीर में इसका मुख्य आयोजन होगा,,वहीं जिले के चांपा,,अकलतरा,,पामगढ़,,नवागढ़,,सक्ती,,मालखरौदा,,डभरा और जैजैपुर स्थित तालुका न्यायालयों सहित सभी राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत लगाई जाएगी,,राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में लंबे समय से लंबित मामलों का आपसी सहमति और राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जाएगा,,लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को सरल,,सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है,,ताकि आम लोगों को बार-बार कोर्ट के चक्कर न लगाने पड़ें और विवादों का समाधान आसानी से हो सके,,लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण,,सिविल मामले,,चेक बाउंस,,धन वसूली,,मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के मामले,,बिजली-पानी और टेलीफोन बिल विवाद,,वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद,,श्रम विवाद सहित अन्य मामलों का निपटारा किया जाएगा,,इसके अलावा ऐसे विवाद जो अभी न्यायालय में दर्ज नहीं हुए हैं,,यानी प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकेगा,,लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यहां दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निराकरण किया जाता है,,इससे विवाद का स्थायी समाधान निकलता है और पक्षकारों के बीच आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं,,वहीं जिन मामलों का निपटारा लोक अदालत में होता है,,उनमें पहले से जमा न्यायालयीन फीस भी वापस कर दी जाती है,,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर चांपा के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय जयदीप गर्ग के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं,,इसके लिए जिले के न्यायिक और राजस्व अधिकारियों के साथ-साथ बैंक,,बीमा कंपनियों,,फाइनेंस संस्थाओं,,बिजली विभाग,,नगर पालिका और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं,,बैठकों में अधिक से अधिक राजीनामा योग्य मामलों को चिन्हित कर लोक अदालत में निराकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है,,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों और विवादों का समाधान नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराएं,,ताकि कम समय और कम खर्च में आपसी सहमति से न्याय मिल सके।



