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राज्य एवं शहर

नागपंचमी पर दल्हा पहाड़ में उमड़ा आस्था और रोमांच का सैलाब,लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,हजारों ने चढ़ी कठिन पहाड़ी

जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल दल्हा पहाड़ में नागपंचमी के अवसर पर मेला लगा। जांजगीर चांपा ही नहीं, प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। लाखों महिला, पुरुष और बच्चों ने मंदिर परिसर में पहुंचकर दर्शन किए, वहीं हजारों श्रद्धालुओं ने कठिन चढ़ाई कर दल्हा पहाड़ की चोटी तक पहुंचकर प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया।

 

नागपंचमी पर अलग-अलग जगहों पर कुश्ती, कबड्डी और अन्य शौर्य प्रदर्शन होते हैं, लेकिन अकलतरा में दल्हा पहाड़ चढ़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं माना जाता। यहां वर्षों से नागपंचमी पर पहाड़ चढ़ने की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालुओं ने अर्धनारीश्वर, नाग-नागिन मंदिर, सिद्ध मुनि आश्रम और कृष्ण मंदिर में दर्शन किए।

वहीं सूर्य कुंड का पवित्र जल पीकर लोगों ने स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।

 

मेले को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पहाड़ के नीचे से लेकर चोटी तक पुलिस जवान तैनात रहे। मेले में आने वाले लोगों की जांच की गई और हाथ में पहने जाने वाले चूड़े की भी जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में चूड़े और नशीले सामान जब्त किए गए।

 

बताया जाता है कि दल्हा पहाड़ में नागपंचमी का मेला वर्षों से लगता आ रहा है। इसकी शुरुआत कब हुई, इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है।

हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार पुराने समय में राजा-महाराजा यहां शौर्य प्रदर्शन के लिए प्रतियोगिता कराते थे, जिसमें पहाड़ की चोटी पर लगे झंडे को लाने की चुनौती होती थी। आज यह परंपरा बदल गई है और अब लोग आस्था के साथ रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने दल्हा पहाड़ पहुंचते हैं।

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