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छत्तीसगढ़

बीमा का 40 लाख पाने के लिए युवक ने रची खुद की मौत की झूठी कहानी, पुलिस ने किया पर्दाफाश

जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। 21 वर्षीय युवक कौशल श्रीवास ने अपने पिता के लाखों रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए खुद की झूठी मौत की कहानी रच डाली। युवक का 40 लाख रुपये का बीमा था और उसी के पैसे से परिवार को कर्ज़ से छुटकारा दिलाने की योजना उसने बनाई थी।

जानकारी के अनुसार, युवक के पिता तिलक राम श्रीवास निवासी तनौद ने थाना पामगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसका बेटा कौशल श्रीवास उर्फ मोनू (21) 19 अगस्त को शाम करीब 7 बजे यह कहकर घर से बाइक से निकला कि वह गांव घूमकर आ रहा है। वह अपनी मां का मोबाइल लेकर निकला था। लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी रात कौशल के बड़े भाई जागेश्वर को सूचना मिली कि कौशल का मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 11 बीसी 7560, जूते और मोबाइल शिवनाथ नदी के पैसर पुल के पास मिला है। इससे परिवार और गांव वालों ने युवक के नदी में बह जाने का अंदेशा जताया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर थाना पामगढ़ और जांजगीर साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में साइबर तकनीकी जांच में पता चला कि कौशल ने अपने दोस्त को इंस्टाग्राम के जरिए खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने सुराग तलाशना शुरू किया। 23 अगस्त शाम करीब 5 बजे कौशल ने अज्ञात फोन नंबर से अपने भाई जागेश्वर के मोबाइल पर फोन किया। उक्त फोन नंबर की जांच में पता चला कि कौशल बिलासपुर रेलवे स्टेशन में किसी राहगीर से मोबाइल लेकर फोन किया था। जिसके बाद सायबर सेल और पामगढ़ पुलिस ने बिलासपुर और उसलापुर आरपीएफ को कौशल की फोटो भेजकर अलर्ट किया। मुखबिर की सूचना पर साइबर टीम और परिजन बिलासपुर के तोरवा इलाके पहुंचे और कौशल को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि पिता का कर्ज़ न चुका पाने की वजह से वह परेशान था। बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उसने खुद को मृत दिखाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपना मोबाइल और बाइक नदी किनारे छोड़ दिया और पैदल पामगढ़ पहुंचा वहां से बस से बिलासपुर पहुंचा बिलासपुर रेलवे स्टेशन से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से दिल्ली-फरीदाबाद तक पहुंच गया। फिर अगले दिन ही बिलासपुर लौट आया और यात्रा के दौरान उसने अपना मोबाइल स्टेशन में फेक दिया। लेकिन पुलिस की सतर्कता और साइबर टीम की सक्रियता से उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस अब युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। गुम इंसान की खोजबीन में साइबर सेल जांजगीर और थाना पामगढ़ पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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