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छत्तीसगढ़

मरीज को ऑक्सीजन लगा स्ट्रेचर से पार कराई सड़क, भड़के स्वास्थ्य मंत्री ने लगा दी अधिकारियों की क्लास

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला मरीज को ऑक्सीजन लगाकर स्ट्रेचर से सड़क पार कर ले जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसारित वीडियो ने यह उजागर कर दिया कि अस्पताल के दोनों हिस्सों के बीच मरीजों को सड़क पार कराना ही एकमात्र विकल्प है। वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना को गंभीर मानते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत जांच के आदेश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री के निर्देश के बाद संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने अस्पताल अधीक्षक को नोटिस जारी कर तत्काल जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रकरण में नर्सिंग सिस्टर किरण बेक को नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है कि जब मरीजों को लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था है तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया?

स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पताल अधीक्षक डाक्टर आरसी आर्या ने कहा कि अस्पताल दो हिस्से में है। दोनों हिस्से में अलग-अलग वार्ड है। मरीजों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से के वार्ड में लाने ले जाने के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था है।

संवाद की कमी आई सामने

इस प्रकरण में संवाद की कमी परिलक्षित हुई है। उस समय एक दूसरे मरीज को लेकर एंबुलेंस गया था। स्वजन थोड़ी देर प्रतीक्षा करते तो एंबुलेंस मिल जाती, लेकिन उन्होंने स्वयं मरीज को ले जाने की सोची। उन्होंने कहा कि पुराने कर्मचारियों को सारी व्यवस्थाओं की जानकारी थी। वर्तमान में कुछ नए आउटसोर्सिंग के कर्मचारी आए हैं। अस्पताल के सामने अव्यस्थित यातायात को दुरुस्त करने लगातार पुलिस अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।

 

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