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राज्य एवं शहर

ओजोन परत धरती की सुरक्षा कवच,पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को निभानी होगी जिम्मेदारी 

जांजगीर-चांपा जिले के प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा में विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ओजोन परत के महत्व, इसके संरक्षण और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने ओजोन परत की रक्षा के लिए प्रदूषण कम करने और पर्यावरण के अनुकूल साधनों का उपयोग करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम.के. पारिक, यूनिट हेड रहे, जबकि अध्यक्षता कार्यकारी निदेशक संजय जोशी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंटक महासचिव संजय सिंह, शिवदयाल कर्ष, अशोक शर्मा, सुधाकर सारस्वत, एस. कुमार और उदय सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा की गई। अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस की थीम “एक ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्यवाही—मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किगाली संशोधन के तहत शीतलन के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न” पर विचार रखे गए। सहायक महाप्रबंधक संतोष थवाईत ने ओजोन परत संरक्षण दिवस के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष अशोक वैष्णव ने बताया कि वायुमंडल में मौजूद ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकने का काम करती है। इन किरणों का अधिक प्रभाव पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि क्लोरो-फ्लोरो कार्बन, ब्रोमीन और अन्य सिंथेटिक गैसों के लगातार उपयोग से ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है। इसलिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों के उत्सर्जन को कम करना जरूरी है।
मुख्य अतिथि एम.के. पारिक ने कहा कि आज मानव अपनी सुविधाओं के लिए ऐसे साधनों का उपयोग कर रहा है, जिनका पर्यावरण पर सीधा असर पड़ता है। ओजोन परत सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों से धरती की रक्षा करती है। यदि यह परत कमजोर होती है, तो इसका असर मानव जीवन, पेड़-पौधों और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल साधनों को अपनाकर ही हम धरती को सुरक्षित रख सकते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय जोशी ने कहा कि प्राकृतिक वातावरण में मानव को अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। पर्यावरण की सुरक्षा केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि ओजोन परत धरती और पर्यावरण के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है, इसलिए इसके संरक्षण को लेकर जागरूकता जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि संजय सिंह ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे उपकरणों और साधनों का उपयोग करना चाहिए, जो पर्यावरण के अनुकूल हों। अशोक शर्मा ने कहा कि ओजोन परत सूर्य की हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करती है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। सुधाकर सारस्वत ने कहा कि ओजोन परत आसमान में रहकर हमारी रक्षा करती है, लेकिन जमीन पर रहकर इसकी सुरक्षा करना हम सभी का दायित्व है।
एस. कुमार ने कहा कि धरती हमें विरासत में मिली है और इसे आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रूप में सौंपना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। उदय सिंह ने भी ओजोन परत के महत्व को बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण की रक्षा करने की अपील की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्मिक एवं प्रशासन, हार्टिकल्चर, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों का सहयोग रहा। पावर प्लांट, स्पंज आयरन, इंडक्शन फर्नेस एवं सबमर्स आर्क फर्नेस डिवीजन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कॉलोनी के बच्चों ने भी कार्यक्रम में सराहनीय योगदान दिया।

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