स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई मीटर रीडरों की चिंता,रोजगार बचाने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर चांपा जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अब विद्युत मीटर रीडरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की चिंता बढ़ गई है,,बुधवार को विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ जांजगीर के सदस्य अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा,,मीटर रीडरों का कहना है कि प्रदेश में करीब 5 हजार मीटर रीडर लंबे समय से विद्युत विभाग के लिए काम कर रहे हैं,,इन कर्मचारियों ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा विद्युत विभाग की सेवा में बिताया है,,घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग लेना और बिजली खपत की जानकारी दर्ज करना इनका मुख्य काम रहा है,,संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि अब प्रदेश में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद पारंपरिक तरीके से मीटर रीडिंग लेने की जरूरत धीरे-धीरे कम हो रही है,,ऐसे में आने वाले समय में मीटर रीडिंग का काम पूरी तरह खत्म होने की स्थिति बन सकती है,,इसका सीधा असर उन हजारों मीटर रीडरों पर पड़ेगा,,जिनकी आजीविका इसी काम से जुड़ी हुई है।
मीटर रीडरों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक विद्युत विभाग के लिए ईमानदारी से काम किया है और विभाग की कार्यप्रणाली तथा उपभोक्ताओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का उन्हें अच्छा अनुभव है,,इसलिए स्मार्ट मीटर आने के बाद उन्हें बेरोजगार करने के बजाय विभाग में ही उनकी सेवाओं का उपयोग किया जाना चाहिए,,संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि मीटर रीडरों को विद्युत विभाग में ही अन्य कार्यों में लगाया जाए,,ताकि उनके वर्षों के अनुभव का लाभ विभाग को मिलता रहे और हजारों परिवारों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रह सके,,मीटर रीडर श्रमिक संघ ने सरकार से इस मामले में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है,,,ताकि स्मार्ट मीटर की नई व्यवस्था के बीच वर्षों से विभाग में काम कर रहे मीटर रीडरों का रोजगार सुरक्षित रह सके।



