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राज्य एवं शहर

विधानसभा में गूंजा जांजगीर कृषि विभाग घोटाला,विधायक व्यास कश्यप ने उठाया मामला

विधायक व्यास कश्यप ने विधानसभा में उठाया जांजगीर कृषि घोटाला,करोड़ों की खरीदी में भारी गड़बड़ी का आरोप

 

छत्तीसगढ़ विधानसभा में जांजगीर चांपा से विधायक व्यास कश्यप ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कृषि विभाग में बड़े घोटाले का मुद्दा उठाया,,उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के उप संचालक कृषि ने करोड़ों की लागत से की गई खरीदी में भारी अनियमितता और घोटाला किया है

विधायक कश्यप ने सदन में बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से मिली राशि का गलत इस्तेमाल करते हुए विभाग ने जेम पोर्टल के ज़रिए बाजार से तीन गुना महंगे दामों पर सामान खरीदा,,उन्होंने कहा कि किसानों को बांटने के लिए मिनी राइस मिल,,आटा चक्की,,ब्रश कटर और बैटरी स्प्रेयर जैसी सामग्रियां खरीदी गईं,,जिनकी कीमत बाजार में कहीं कम है।

उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया 

मिनी राइस मिल जिसकी बाजार कीमत 25-30 हजार रुपये है,,उसे 1.20 लाख में खरीदा गया।

पल्वराइज़र आटा चक्की,,जिसकी कीमत 20-25 हजार होती है,,उसे भी 1.20 लाख रुपये में खरीदा गया।

ब्रश कटर,,जिसकी कीमत 7-8 हजार है,,को 36 हजार में खरीदा गया।

वहीं बैटरी स्प्रेयर,,जो बाजार में 2 हजार रुपये में मिलती है,,उसे 5,600 रुपये में खरीदा गया।

विधायक व्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग ने बिना जनप्रतिनिधियों की मांग,,बिना संचालनालय की अनुमति,,करोड़ों की खरीदी की है,,जो सीधे तौर पर कमीशनखोरी और गड़बड़ी को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों को यह सामग्री दी गई है,,वे इसे अनुपयोगी बता रहे हैं,,उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिले में गेहूं और मसालों की खेती सिर्फ 5% रकबे में होती है,,तो 3-4 करोड़ रुपये की आटा चक्की मशीनों की खरीदी का क्या औचित्य है

इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को दी गई सामग्रियों के वितरण के लिए विकासखंडों में टेंट और कुर्सी लगाने के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं।

विधायक ने कृषि मंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है,,उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी से किसानों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है,,और सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

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