जांजगीर जिला अस्पताल में कथित गड़बड़ी का मामला विधानसभा में गूंजा 5 सदस्यीय जांच टीम बनेगी

रायपुर में चल रहे विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन जांजगीर चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने जिला चिकित्सालय जांजगीर में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला उठाया,,उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए आरोप लगाया कि मितानिनों और स्वीपरों को मिलने वाली करीब 8 लाख 80 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि अस्पताल के दो कर्मचारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई,,विधायक ने जीवनदीप समिति की राशि में अनियमितता और सिविल सर्जन कार्यालय में हुई आगजनी के मामले का भी मुद्दा उठाते हुए कार्रवाई की मांग की,,स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि मार्च 2026 में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में तकनीकी समस्या आने और भुगतान की अंतिम तारीख होने के कारण राशि अस्थायी रूप से दो कर्मचारियों के खातों में डाली गई थी,,उन्होंने बताया कि यह राशि अब जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति के खाते में जमा है और मितानिनों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है,,विधायक ब्यास कश्यप ने सवाल उठाया कि तकनीकी दिक्कत होने पर राशि किसी कर्मचारी के निजी खाते में क्यों भेजी गई,,उन्होंने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की,,इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे मामले की जांच के लिए प्रदेश स्तर की 5 सदस्यीय जांच टीम गठित करने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया,,वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को जिला अस्पताल से हटाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।



