एक रात की बारिश से जांजगीर-चांपा बेहाल,सड़कें डूबीं,गांवों में बाढ़,रेस्क्यू जारी

जांजगीर चांपा जिले में गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने शुक्रवार को पूरे जिले में तबाही मचा दी,,कई नदी-नाले उफान पर आ गए,,जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया,,बिलासपुर,,शिवरीनारायण मार्ग,,पामगढ़,,बिलासपुर मार्ग और पामगढ़,,अकलतरा मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं,,कई जगहों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया,,जबकि लोगों में रात के समय जलस्तर और बढ़ने की आशंका को लेकर डर का माहौल बना हुआ है,,सबसे ज्यादा प्रभावित मुलमुला थाना क्षेत्र का कुटीघाट रहा
यहां लीलागर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी का पानी सड़क पर आ गया और बिलासपुर शिवरीनारायण मार्ग बंद हो गया,,सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं,,दूसरी ओर बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में भी पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा,,बारिश का असर गांवों में भी देखने को मिला,,कोटमी सोनार में कई घरों में पानी घुस गया,,जिससे लोगों को अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा,,वहीं रोकदा डेम का एक गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद डेम का पानी आसपास के गांव में पहुंच गया,,जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई,,कुटीघाट में बाढ़ का पानी घरों और अन्य स्थानों तक पहुंचने के बाद कई परिवार अपने घरों में ही फंस गए,,सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया,,टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया,,बचाव दल ने एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया,,लेकिन तेज बहाव के कारण एक परिवार के तीन सदस्य पति,,पत्नी और चार साल का बच्चा देर तक अपने घर में फंसे रहे,,तेज बहाव और लगातार बढ़ते पानी के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आईं।
राजेश सिंह ( स्थानीय नागरिक )
माधव नारायण शुक्ला ( बाढ़ प्रभावित,,मंदिर का पुजारी )
बृजमोहन सिंह ( बाढ़ प्रभावित )
फूल बाई ( रेस्कयु से निकली बुजुर्ग महिला )
विश्वम्भर राठौर ( एसडीआरएफ,जांजगीर )
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से बाढ़ की स्थिति बनने के बावजूद राहत दल और अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे,,उनका आरोप है कि यदि प्रशासन पहले सक्रिय हो जाता तो लोगों को कम परेशानी होती,,हालांकि शाम के समय कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डे स्वयं कुटीघाट पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया।
जन्मेजय महोबे ( कलेक्टर जांजगीर चाम्पा )
कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत राहत शिविर शुरू करने के निर्देश दिए,,उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और उनके भोजन,,पेयजल तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए,,साथ ही लीलागर नदी के किनारे बैरिकेडिंग करने और लोगों को किसी भी हालत में नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों को पार नहीं करने देने के निर्देश भी दिए,,उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने तक राहत शिविर संचालित किए जाएंगे और बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बारिश के बीच पामगढ़ क्षेत्र में एक बड़ा हादसा भी होते-होते टल गया,,पामगढ़-बिलासपुर और पामगढ़-अकलतरा मार्ग पर नाले का पानी सड़क के ऊपर बह रहा था,,इसके बावजूद कुछ लोग बैरिकेडिंग हटाकर वाहन निकालने का प्रयास कर रहे थे,,इसी दौरान एक थार वाहन में सवार दो युवकों ने भी तेज बहाव के बीच से गाड़ी निकालने की कोशिश की,,अचानक पानी का बहाव बढ़ा और थार वाहन दोनों युवकों सहित बहने लगा,,घटना को देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया,,काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया,,हालांकि थार वाहन अभी भी नाले के तेज बहाव के बीच फंसा हुआ है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जलमग्न सड़क,,पुल या नाले को पार करने की कोशिश न करें,,थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है,,प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और जिले के संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है,,राहत एवं बचाव दल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।



