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राज्य एवं शहर

कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेश इलाज की सुविधा,स्वास्थ्य सचिव ने दिए सकारात्मक संकेत

कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेश इलाज की सुविधा, स्वास्थ्य सचिव ने दिए सकारात्मक संकेत

 

छत्तीसगढ़ के करीब 5 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अब कैशलेश और निःशुल्क इलाज की राह साफ होती दिख रही है। लंबे समय से कर्मचारी संगठन इस मांग को उठा रहे थे। इलाज का खर्च बना बोझ

कर्मचारियों का कहना है कि इलाज पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई बार छोटी बीमारी के लिए भी उन्हें भारी रकम खर्च करनी पड़ती है और निजी अस्पतालों तक जाने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। कैशलेश और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। संघ ने रखा मांगपत्र

कैशलेश कर्मचारी कल्याण संघ का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से मिला। संगठन की प्रदेश अध्यक्षा उषा चंद्राकर और संयोजक राकेश सिंह ने सचिव को ज्ञापन सौंपा और मांग रखी कि सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेश आधार पर इलाज की सुविधा दी जाए। स्वास्थ्य सचिव का आश्वासन

बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन से कर्मचारियों और संगठन में खुशी का माहौल है।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल

बैठक में संगठन के प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने कहा कि अगर सरकार इस मांग को लागू करती है तो यह छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला होगा।

28 अगस्त को बड़ा सम्मेलन

संघ ने बताया कि 28 अगस्त को जिला दुर्ग में कर्मचारियों का बड़ा सम्मेलन होगा, जिसमें कैशलेश इलाज की इस मांग को लेकर रणनीति तय की जाएगी।

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