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राज्य एवं शहर

बदहाल टीसीएल कॉलेज की करुण पुकार,,जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल पढ़ाई को मजबूर छात्र,,बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कॉलेज की बदहाली,,इतिहास समेटे भवन अब खुद इतिहास बनने की कगार पर

बदहाल टीसीएल कॉलेज की करुण पुकार,,जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल पढ़ाई को मजबूर छात्र

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कॉलेज की बदहाली,,इतिहास समेटे भवन अब खुद इतिहास बनने की कगार पर

टीसीएल कॉलेज की छतें रो रहीं,,दीवारें चिल्ला रहीं लेकिन सरकार अब भी खामोश

जांजगीर चाम्पा जिला के अग्रणी महाविद्यालय बैरिस्टर ठाकुर छेदी लाल कॉलेज अपनी बदहाली के लिए आंसू बहा रहा है,,इस महाविद्यालय ने कई अधिकारी जनप्रतिनिधि और समाज सेवी दिए लेकिन इस महाविद्यालय की सुध लेने वाला कोई नहीं है,,शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण अब इस महाविद्यालय के विद्यार्थी और स्टॉफ जान हथेली पर रख कर उच्च शिक्षा ले रहे है,,महाविद्यालय का पूरा भवन जर्जर हो गया है,,इस डिसमेटल कराने के बजाये प्राचार्य कॉलेज भवन के ऊपर लाखों रूपये खर्च कर टीन शेड लगा रहे है,,जिसे कॉलेज के छात्र घोटाला की आशंका जता रहे है

ये है अविभाजित मध्य प्रदेश का सबसे पुराना महाविद्यालय,,स्वतंत्रता संग्राम के नायक बैरिस्टर ठाकुर छेदी लाल के नाम से रखा गया कॉलेज भले ही पुराना है लेकिन भवन 1996 को बनाया गया और 30 साल से पहले ही भवन जर्जर हो गया,,यहाँ ऐसा कोई परिसर या क्लास रूम नही है जहाँ बारिश का पानी नहीं टपकता हो,,हर कमरा मे पानी टपक रहा है,,और छज्जा गिर रहा है,,कई बार छात्र छात्राओं के ऊपर छत का प्लास्टर गिरने से चोट भी लगी है,,कालेज की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए छात्र छात्राओं ने कई बार प्रदर्शन किया लेकिन उसी जर्जर भवन मे बैठकर पढ़ने को मजबूर है

हर्ष शुक्ला ( छात्र,,टीसीएल कॉलेज )

एन के मधुकर ( व्याख्याता,टीसीएल कॉलेज )

महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि भवन जर्ज़र होने के कारण विद्यार्थी ही नहीं स्टॉफ भी डरे हुए है,,प्राचार्य कक्ष भी सुरक्षित नहीं है,,रिकार्ड रूम कि सुरक्षा के लिए पालीथिन लगाया गया,,कॉलेज के कई क्लास रूम मे हुए हादसों के कारण उन्हें स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है,,कई बार उच्च शिक्षा विभाग को भवन डिसमेंटल के लिए पत्राचार किया गया और भवन को तोड़वाने के लिए 30 लाख रूपये का स्टीमेट भेजा गया,,जिला प्रशासन से महाविद्यालय के लिए अस्थाई भवन की मांग की गई,,लेकिन ना ही अस्थाई भवन मिला ना ही भवन डिसमेंटल के लिए राशि मिली,,शासन ने नए भवन के लिए चार करोड़ 64 लाख रूपये की स्वीकृति दी है और स्थल चयन भी कर लिया गया है,, लेकिन तत्काल क्लास लगाने के लिए इंतजाम नहीं होने के कारण कॉलेज के दूसरे फंड से छत मे टीन का शेड निर्माण कराया जा रहा है,,इससे अस्थाई तौर पर राहत मिलने की संभावना है

डी आर लहरे (प्राचार्य टीसीएल कॉलेज जांजगीर )

जांजगीर चाम्पा जिला के टीसीएल कॉलेज भवन की जर्जर स्थिति के कारण अब विद्यार्थियों का दर्ज संख्या भी कम होने लगी है,,कभी इस कॉलेज मे प्रवेश के लिए मारामारी की स्थिति थी,,लेकिन अब हालात बद से बदतर हो गया है,,कॉलेज भवन की दुर्दशा के बाद भी शासन प्रशासन आखिर क्यों मौन है

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