WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.41 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.41
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.39 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.40
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.40 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.38 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.38 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.39
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.38
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.36 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.37 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.36 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.37
WhatsApp Image 2026-08-15 at 12.52.37 (1)
छत्तीसगढ़

फर्जी ऋण घोटाले पर विधानसभा में गरजे विधायक शेषराज हरबंश,बोले छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई,बड़े अधिकारियों को क्यों बचा रही सरकार

रायपुर/जांजगीर। छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने कथित फर्जी कृषि ऋण घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए,,मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी ऋण स्वीकृत किए गए,,जिससे करीब 600 किसानों का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो गया,,इसके कारण कई किसानों को नए बैंक ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।


विधायक हरबंश ने कहा कि यह कोई साधारण गड़बड़ी नहीं बल्कि सुनियोजित घोटाला है,,उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले में कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है,,तो फिर जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई,,उन्होंने बताया कि इस मामले में रामानुजगंज और कुसमी थाने में एफआईआर दर्ज है और अब तक संस्था प्रबंधकों,,लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है,,इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप उन्होंने लगाया,,हरबंश ने कहा कि 4 मार्च 2025 को जांच समिति बनाई गई थी,,लेकिन लंबे समय बाद भी जांच पूरी नहीं हुई,,उन्होंने मांग की कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के वरिष्ठ अधिकारियों,,नोडल अधिकारियों और सीईओ की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए,,उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों के नाम आज भी बैंक रिकॉर्ड में कथित ऋणधारी के रूप में दर्ज हैं,,इससे उनका सिबिल स्कोर खराब हो गया है और कई किसानों को नए ऋण नहीं मिल रहे,,इतना ही नहीं,,धान बेचने पर किसानों के खातों में आने वाली राशि से भी कथित फर्जी ऋण के नाम पर कटौती की जा रही है,,जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है,,विधायक ने सरकार से मांग की कि सभी प्रभावित किसानों के नाम फर्जी ऋण रिकॉर्ड से तत्काल हटाए जाएं,,उनका सिबिल स्कोर सुधारा जाए और उन्हें जल्द राहत दी जाए,,उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रदेश में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे कई और फर्जी ऋण के मामले सामने आ सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!