चाम्पा नगरपालिका में जनगणना ड्यूटी को लेकर विवाद,शिक्षकों की जगह लिपिकों की ड्यूटी पर विरोध

चाम्पा नगर पालिका में जनगणना कार्य को लेकर विवाद सामने आया है,,यहां शिक्षकों की जगह लिपिकों को प्रगणक (जनगणना कर्मचारी) की ड्यूटी में लगा दिया गया है,,जिसे लेकर लिपिक संघ ने नाराजगी जताई है


जानकारी के अनुसार, 1 मई से 30 मई तक जनगणना का कार्य होना है,,शासन के नियम के मुताबिक इस काम में प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए,,जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी नियम का पालन किया जा रहा है,,लेकिन चाम्पा में अलग ही स्थिति देखने को मिल रही है,,यहां कई स्कूलों के शिक्षकों का नाम ड्यूटी और ट्रेनिंग सूची में नहीं है,,जबकि नगर के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों को प्रगणक बना दिया गया है,,इस फैसले से लिपिक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है,,इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष कौशलेश सिंह क्षत्री के नेतृत्व में लिपिकों ने नगरपालिका के मुख्य अधिकारी राम संजीवनी सोनवानी को ज्ञापन सौंपा,,उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर लिपिकों की ड्यूटी लगाना गलत है,,संघ का कहना है कि नगर में पर्याप्त संख्या में शिक्षक मौजूद हैं, इसके बावजूद उन्हें ड्यूटी से बाहर रखना समझ से परे है,,वहीं नियमों के अनुसार केवल गर्भवती,,गंभीर रूप से बीमार, दिव्यांग या जल्द सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को ही छूट दी जा सकती है,,लिपिक संघ ने मांग की है कि सभी लिपिकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त किया जाए और नियमों के अनुसार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए,,संघ ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते आदेश में संशोधन नहीं किया गया तो कलेक्टर से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी,,इस पूरे मामले में अब देखना होगा कि प्रशासन क्या फैसला लेता है।



