नेशनल लोक अदालत में 23,877 मामलों का निपटारा,बिछड़े परिवार फिर हुए एक

जांजगीर चांपा जिले में शनिवार 09 मई 2026 को आयोजित वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया,,जिला न्यायालय जांजगीर सहित सभी तालुका और राजस्व न्यायालयों में कुल 41 खंडपीठों के माध्यम से 36 हजार 445 प्रकरण रखे गए थे,,जिनमें से 23 हजार 877 मामलों का समाधान किया गया,,लोक अदालत में करीब 2 करोड़ 69 लाख 75 हजार 478 रुपए से अधिक का अवार्ड पारित किया गया।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय मुंगेली से दीप प्रज्वलित कर किया,,इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के न्यायाधीशों को संबोधित किया गया,,जांजगीर जिला एवं सत्र न्यायालय में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जयदीप गर्ग ने किया,,इस दौरान न्यायाधीशगण,,अधिवक्ता संघ,,जिला प्रशासन,,न्यायालय कर्मचारी,,पैरालीगल वालंटियर और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से एक ही मंच पर कई शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया गया,,मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को मछली पकड़ने के जाल और आईस बॉक्स वितरित किए गए,,श्रम विभाग की ओर से नोनीहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्राओं को 1500-1500 रुपए के चेक दिए गए,,वहीं मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत श्रमिक महिलाओं को 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट बांटी गई,,स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया,,वहीं जिला अधिवक्ता संघ ने न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के लिए खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया।

नेशनल लोक अदालत में कई ऐसे मामले भी सामने आए,,जिन्होंने लोगों को भावुक कर दिया,,परिवार न्यायालय में एक ऐसा मामला पहुंचा,,जहां एक बच्चे ने न्यायालय से अपने माता-पिता को फिर से साथ कराने की गुहार लगाई,,दंपत्ति पिछले कई वर्षों से अलग रह रहे थे और विवाह समाप्त करने की तैयारी में थे,,लेकिन बच्चे की बात और न्यायालय की समझाइश के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया,,इसके बाद न्यायाधीश ने दोनों को मिठाई खिलाकर और माला पहनवाकर विदा किया,,यह भावुक पल न्यायालय में मौजूद सभी लोगों के लिए यादगार बन गया।

एक अन्य मामले में वर्ष 2023 से अलग रह रहे पति-पत्नी भी लोक अदालत में समझाइश के बाद फिर से साथ रहने को तैयार हो गए,,दोनों अपने बच्चों के साथ खुशी-खुशी न्यायालय से घर लौटे,,परिवार न्यायालय में इस तरह कई टूटते रिश्ते फिर से जुड़ते नजर आए,,नेशनल लोक अदालत में न केवल मामलों का तेजी से समाधान हुआ,,बल्कि लोगों को न्याय के साथ सामाजिक योजनाओं का लाभ भी एक ही जगह पर



