रामसागर डेम से अवैध मिट्टी उत्खनन का आरोप,बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,कलेक्टर से की गई शिकायत

जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र के मुढ़पार गांव में अवैध मिट्टी उत्खनन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है,,गांव के लोगों ने जिले के उद्योगपति और बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया पर रामसागर डेम से लंबे समय से अवैध तरीके से मिट्टी निकलवाने का गंभीर आरोप लगाया है,,ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में लगातार चैन माउंटेन मशीन और तीन हाईवा वाहनों की मदद से डेम क्षेत्र से मिट्टी उत्खनन किया जा रहा है,,जिससे डेम और आसपास की सड़कें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं,,ग्रामीणों के मुताबिक यह काम कई महीनों से जारी है,,रातभर भारी वाहनों की आवाजाही से गांव में धूल,,शोर और सड़क खराब होने की समस्या बढ़ गई है,,लोगों का कहना है कि गांव की सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं और डेम की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है,,ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस काम का विरोध किया तो उन्हें डराने और धमकाने की कोशिश की गई।
इसी बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है,,ग्रामीणों का दावा है कि वीडियो में बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया ग्रामीणों से बहस करते और धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं,,वीडियो सामने आने के बाद इलाके में मामला पूरी तरह गर्मा गया है और गांव के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है,,ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहली बार जनवरी महीने में प्रशासन से की गई थी,,लेकिन अब तक कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई,,

इसके बाद एक बार फिर ग्रामीणों ने नया आवेदन देकर कार्रवाई की मांग उठाई है,,ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया,,जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है,,गांव वालों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध उत्खनन नहीं रोका गया तो रामसागर डेम को बड़ा नुकसान हो सकता है और गांव की सड़कें पूरी तरह खराब हो जाएंगी,,ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है,,आवेदन में अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने,,डेम क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है,,वहीं वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है,,अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस पूरे मामले में जांच कब शुरू होती है और ग्रामीणों को न्याय कब तक मिल पाता है।



