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राज्य एवं शहर

खाद कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग का ऑपरेशन क्लीन’जारी,उप संचालक बने किसान 3 दिन में 3132 बोरी उर्वरक जब्त,कई गोदाम सीलबंद,खाद माफियाओं में मचा हड़कंप

जांजगीर चांपा जिले के कृषि विभाग के अधिकारी ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले जिले में खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री के खिलाफ कृषि विभाग ने ऐसा अभियान चलाया है,जिसने खाद कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है,पिछले तीन दिनों में कृषि विभाग ने लगातार कार्रवाई करते हुए 3132 बोरी से अधिक खाद जब्त की है,कई गोदाम सीलबंद किए हैं और किसानों से मनमानी वसूली करने वाले कारोबारियों की पोल खोलकर रख दी है।

सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई उस समय सामने आई जब किसानों की लगातार शिकायतों के बाद उप संचालक कृषि राकेश शर्मा खुद किसान का रिश्तेदार बनकर खाद खरीदने पहुंचे,उन्होंने अपना सरकारी वाहन और पहचान छिपाकर जिला मुख्यालय के नेताजी चौक स्थित नानकचंद नंदकिशोर कृषि केंद्र से यूरिया खरीदने का प्रयास किया,जांच के दौरान कृषि केंद्र संचालक ने किसान का आधार कार्ड लेकर पॉस मशीन में एंट्री तो की,जहां शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी दर्ज था,लेकिन बिल दिए बिना एक बोरी यूरिया के लिए करीब 850 रुपये वसूल लिए,तीन बोरी यूरिया के बदले किसान से 2550 रुपये लिए गए,जब उप संचालक ने अधिक कीमत लेने पर सवाल उठाया, तब भी संचालक अपने रुख पर कायम रहा।


इसके बाद मौके पर कृषि विभाग की टीम पहुंची और गोदाम की जांच शुरू की,जांच में बड़ी मात्रा में खाद का भंडारण मिला,जिसके बाद 1400 से अधिक बोरी यूरिया,डीएपी और अन्य उर्वरक जब्त कर दुकान को सील कर दिया गया।


इस कार्रवाई के अगले ही दिन कृषि विभाग को अकलतरा विकासखंड के ग्राम सोनडीह स्थित ज्ञानेश्वर कृषि केंद्र के खिलाफ गुप्त सूचना मिली,जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि खाद का विक्रय बिना रजिस्टर,बिना पॉस मशीन और बिना बिल के किया जा रहा था,अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने 360 बोरी जिंकेटेड सिंगल सुपर फास्फेट जब्त कर गोदाम को सीलबंद कर दिया

कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका,शुक्रवार को भी कृषि विभाग ने दो अलग-अलग उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमार कार्रवाई की। नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी स्थित एक उर्वरक केंद्र में 1000 बोरी सिंगल सुपर फास्फेट और 272 बोरी एनपीके खाद,जबकि तुस्मा स्थित एक खाद भंडार से 100 बोरी यूरिया जब्त की गई। जांच के दौरान विक्रेता आवश्यक क्रय बिल प्रस्तुत नहीं कर सके,स्टॉक रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया और पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक तथा गोदाम में रखी खाद की मात्रा में भी बड़ा अंतर मिला,तीन दिनों में हुई इन लगातार कार्रवाइयों में कृषि विभाग ने कुल 3132 बोरी खाद जब्त कर स्पष्ट संकेत दिया है कि किसानों के हक की खाद की कालाबाजारी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी,विभाग की कार्रवाई से जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है और कई केंद्रों में रिकॉर्ड दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है।


उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है,इसके लिए लगातार निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई की जा रही है,उन्होंने चेतावनी दी कि खाद की कालाबाजारी,बिना बिल बिक्री,स्टॉक में गड़बड़ी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग की इस लगातार कार्रवाई को किसानों के हित में बड़ी पहल माना जा रहा है,लंबे समय से खाद की कालाबाजारी और मनमानी कीमतों से परेशान किसान अब उम्मीद जता रहे हैं कि ऐसे सख्त कदमों से उन्हें समय पर उचित मूल्य पर खाद मिल सकेगी और खरीफ सीजन की तैयारी बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकेगी।

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