राज्य एवं शहर

कोल वाशरी विस्तार पर बढ़ा असंतोष,ग्रामीणों ने आपत्तियां दर्ज कराने की बनाई रणनीति,कोल वाशरी विस्तार के खिलाफ लामबंद हो रहे ग्रामीण,जनसुनवाई पर टिकी सबकी नजर

जांजगीर चांपा जिले के बलौदा तहसील के ग्राम बिरगहनी (ब) में प्रस्तावित कोल वाशरी विस्तार और 25 मेगावाट क्षमता के एएफबीसी पावर प्लांट को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है,,एक ओर कंपनी इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और औद्योगिक विस्तार से जोड़कर देख रही है,,वहीं दूसरी ओर आसपास के गांवों के लोग इसके संभावित पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं,,इसी विषय पर 3 जून को होने वाली जनसुनवाई अब पूरे इलाके के लिए महत्वपूर्ण बन गई है,,जानकारी के अनुसार हिंद मल्टी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा वर्तमान 0.96 एमटीपीए क्षमता वाली वेट टाइप कोल वाशरी का विस्तार कर उसकी क्षमता 2.4 एमटीपीए करने का प्रस्ताव रखा गया है,,इसके साथ ही 25 मेगावाट का एएफबीसी पावर प्लांट स्थापित करने की भी योजना है,,परियोजना को लेकर पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया के तहत जनसुनवाई आयोजित की जा रही है,,जिसमें स्थानीय लोगों को अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा,,ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के विस्तार से क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है,,उनका मानना है कि कोयले की धूल और औद्योगिक गतिविधियों का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है,,इसके अलावा जल प्रदूषण को लेकर भी लोगों में चिंता है,,ग्रामीणों का कहना है कि यदि उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट और अन्य तत्वों का सही प्रबंधन नहीं हुआ तो आसपास के जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं,,जिसका असर खेती और पेयजल व्यवस्था पर पड़ेगा,,ध्वनि प्रदूषण भी ग्रामीणों की प्रमुख चिंताओं में शामिल है,,लोगों का कहना है कि प्लांट और भारी मशीनों के संचालन से लगातार शोर बढ़ सकता है,,वहीं कोयला और अन्य सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं,,ग्रामीणों का मानना है कि इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए,,कई ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जनसुनवाई में अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने की तैयारी कर ली है,,उनका कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी आम जनता तक पहुंचनी चाहिए और जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए,,लोगों की मांग है कि पर्यावरण,,स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विस्तृत आकलन कर ही आगे निर्णय लिया जाए,,जनसुनवाई 3 जून को सुबह 11 बजे ग्राम बिरगहनी (ब) में आयोजित होगी,,अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनसुनवाई में ग्रामीण क्या मुद्दे उठाते हैं और परियोजना को लेकर प्रशासन तथा संबंधित विभाग आगे क्या निर्णय लेते हैं

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!