कोल वाशरियों का बढ़ता जाल,विकास की रफ्तार या क्षेत्र के लिए अभिशाप?

जांजगीर चांपा जिले के बलौदा क्षेत्र के ग्राम बिरगहनी (ब) में कोल वाशरियों के बढ़ते विस्तार को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता सामने आई है,,क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उद्योगों के नाम पर लगातार बढ़ रही कोल वाशरियों से गांवों का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है और इसका सीधा असर खेती-किसानी तथा लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है,,ग्रामीणों का आरोप है कि वाशरियों से उड़ने वाली कोयले की धूल खेतों तक पहुंच रही है,,जिससे फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और कई जगह जमीन की उपजाऊ क्षमता भी कम होती जा रही है,,वहीं धूल और प्रदूषण के कारण दमा,,खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात भी ग्रामीण उठा रहे हैं,,क्षेत्रवासियों का कहना है कि कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें खराब हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है,,कई परिवार सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके हैं,,जिससे लोगों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि किसी भी नई परियोजना या विस्तार से पहले आयोजित जनसुनवाई में रोजगार,,स्वास्थ्य सुविधाएं,,सड़क निर्माण,,पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास जैसे कई वादे किए जाते हैं,,लेकिन समय बीतने के साथ अधिकांश वादे अधूरे रह जाते हैं,,लोगों का कहना है कि उनकी आवाज अक्सर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दबकर रह जाती है

इसी बीच हिंद कोल वाशरी ने अपनी उत्पादन क्षमता 96 एमटीपीए से बढ़ाकर 220 एमटीपीए करने का प्रस्ताव रखा है,,जिस पर आज महत्वपूर्ण जनसुनवाई आयोजित की जा रही है,,जनसुनवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है,,एक ओर ग्रामीणों का बड़ा वर्ग परियोजना विस्तार का विरोध कर रहा है,,तो दूसरी ओर वाशरी प्रबंधन इसे क्षेत्र के विकास और रोजगार से जोड़कर देख रहा है।

अब सबकी निगाहें इस जनसुनवाई पर टिकी हैं,,लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पर्यावरण और ग्रामीणों की चिंताओं को प्राथमिकता मिलेगी या फिर विकास और उद्योग विस्तार के नाम पर परियोजना को मंजूरी मिल जाएगी।

यह जनसुनवाई सिर्फ एक उद्योग की क्षमता बढ़ाने का मामला नहीं है,,बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण,,किसानों के भविष्य,,लोगों के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है,,ऐसे में आज होने वाली जनसुनवाई के नतीजे पर पूरे इलाके की नजर बनी हुई है।



