खोखसा ग्राम पंचायत में बोरिंग उत्तखनन में गड़बड़ी,,सचिव और सरपंच की मनमानी का हुवा उजागर,,जांच टीम ने किया भौतिक सत्यापन,,भौतिक सत्यापन में क्या होगा उजागर या दिखावा,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

खोखसा ग्राम पंचायत में बोरिंग उत्तखनन में गड़बड़ी,,सचिव और सरपंच की मनमानी का हुवा उजागर,,जांच टीम ने किया भौतिक सत्यापन,,भौतिक सत्यापन में क्या होगा उजागर या दिखावा,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

जांजगीर-चांपा जिला के खोखसा ग्राम पंचायत में बोरिंग उत्तखनन में हुई गड़बड़ी के मामले में सचिव और सरपंच की भूमिका पर सवाल उठे हैं

इस मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गांव पहुंची और मौके पर निरीक्षण किया,,जांच टीम ने शिकायतकर्ता पंच और तत्कालीन सचिव के बयान दर्ज किए,,टीम ने तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने का दावा किया है

खोखसा गाँव में सरपंच और तत्कालीन सचिव के द्वारा 14 वें और 15 वें वित्त आयोग की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है,,आरोप है कि 14 वें वित्त से 1 लाख 80 हजार रुपये की लागत से दो बोरिंग उत्तखनन कराए गए थे,,और उसी स्थान पर फिर से 15 वें वित्त से 1 लाख 80 हजार रुपये का अलग-अलग बिल बनाकर पैसा निकाला लिया गया है,,इस भ्रष्टाचार की जानकारी मिलने पर गांव के पंचों ने कलेक्टर से मामले की शिकायत की और जांच की मांग की,,कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत के सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम भेजकर भौतिक सत्यापन कराया,,जिसमें मौके पर केवल एक बोर पाया गया है

जांच के दौरान तत्कालीन सचिव भजन लाल महिलांगे ने बचाव करते हुए शिकायत को निराधार बताया और स्वीकार किया कि 14 वें और 15 वें वित्त से एक ही स्थान पर राशि स्वीकृत की गई थी,,लेकिन ग्राम पंचायत से अनुमोदन प्राप्त कर कार्य परिवर्तन किया गया,,उन्होंने शासकीय पोर्टल में गलती से पुराना कार्य अपलोड होने का दावा भी किया

ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने तत्कालीन सचिव का प्रभार खोखसा से हटाकर हाथी टिकरा गाँव में कर दिया है शासन के पोर्टल से इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है और अब शिकायतकर्ताओं को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है लेकिन कई बार कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद भी आज तक कोई भी निष्कर्ष नहीं निकल सका है अब आने वाले समय में देखना होगा कि क्या इस पर कार्रवाई हो सकती है या नहीं



