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करहि हत्याकांड का बड़ा खुलासा,सुपारी लेकर की गई आयुष कश्यप की हत्या,29 दिन बाद पुलिस को मिली सफलता,आयुष हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार

करहि हत्याकांड का खुलासा: सुपारी लेकर की गई थी आयुष कश्यप की हत्या

जांजगीर चांपा जिले के करहि गांव में हुए चर्चित आयुष कश्यप हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है,बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरी वारदात सुपारी किलिंग थी,पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,लेकिन हत्या की सुपारी किसने दी,कितने पैसों में डील हुई और इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कौन है,इसकी जांच अभी जारी है,यह सनसनीखेज घटना 23-24 अप्रैल की रात सक्ति राजस्व जिले के करहि गांव में हुई थी,कांग्रेसी नेता सम्मेलाल कश्यप के घर में देर रात बदमाश घुसे और उनके बेटे आयुष कश्यप और आशुतोष कश्यप पर गोली चला दी,हमले में आयुष कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि परिवार में दहशत फैल गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात से करीब आधा घंटा पहले बाइक सवार तीन युवक घर पहुंचे थे और सबसे पहले घर में लगे CCTV कैमरों में तोड़फोड़ की,इसके बाद तीन आरोपी घर के अंदर घुसे,सम्मेलाल कश्यप के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद किया और सीधे आयुष के कमरे में जाकर गोली चला दी,हत्या करने के बाद आरोपियों ने खुद सम्मेलाल को बताया कि उनके बेटे को गोली मार दी गई है और फिर मौके से फरार हो गए,घटना के बाद

 

जांजगीर चांपा पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की,पुलिस ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और कई संदिग्धों से पूछताछ की,करीब 29 दिन की जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला,पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे ने मामले की जांच के लिए ऑपरेशन हंट शुरू किया था,,जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गांव में एक ऐसा गैंग सक्रिय है,जो पैसों के लिए बड़ी वारदातों को अंजाम देता है,पुलिस ने इस गैंग से जुड़े युवकों पर नजर रखी,पता चला कि घटना के बाद आरोपी कुछ दिनों तक गांव में ही रहे,लेकिन बाद में बाहर चले गए,इसके बाद पुलिस टीम ने गुजरात में दबिश देकर भूषण बघेल,हेमंत बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार किया,पूछताछ में भूषण बघेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर आयुष की हत्या करना स्वीकार कर लिया,आरोपियों ने बताया कि हत्या के पीछे रेत का अवैध कारोबार,व्यवसायिक दुश्मनी और सुपारी किलिंग की वजह थी,पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने उस व्यक्ति की जानकारी भी दे दी है जिसने हत्या की सुपारी दी और पिस्टल उपलब्ध कराई थी,

हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने और अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने में जुटी हुई है,जांच में यह भी सामने आया कि भूषण बघेल ने वर्ष 2023 में आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए भी 7 लाख रुपये की सुपारी ली थी,लेकिन उस समय वारदात को अंजाम नहीं दे पाया था,पुलिस का कहना है कि आरोपियों और सम्मेलाल कश्यप परिवार के बीच लंबे समय से व्यवसायिक विवाद और दुश्मनी चल रही थी,पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल पिस्टल,कारतूस और बाइक बरामद कर ली है,

वहीं बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा की

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