बूंद-बूंद को तरसते खेत,विधायक बोले – अब इंद्र देव ही बचा सकते हैं धान की फसल

जांजगीर चाम्पा जिले के किसानो को खरीफ फसल के लिए पानी के लिए अभी और इंतजार करना होगा,,क्योंकि दर्री डेम मे अभी 25 प्रतिशत पानी ही बचा हुआ है,,जांजगीर चाम्पा जिला मे जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई,,कलेक्टर की अध्यक्षता मे आयोजित बैठक मे जांजगीर चाम्पा विधायक ब्यास कश्यप,,और पामगढ़ विधायक शेष राज हरवंश के साथ किसानों ने हिस्सा लिया और किसानों मे 5 से 10 जुलाई के भीतर पानी नहीं मिलने पर खरीफ धान का उत्पादन कम होने की संभावना जताई
खरीफ फसल के लिए नहर मे पानी देने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है,,मंगलवार की शाम कलेक्टर की अध्यक्षता मे जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई,,बैठक ने जांजगीर और पामगढ़ विधायक के साथ किसान और सिचाई विभाग और क़ृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए,,बैठक मे किसानों ने खरीफ धान फसल के लिए नहर से पानी की मांग की,,और जुलाई के प्रथम सप्ताह मे नहर से पानी खेतो तक पहुंचाने के लिए मांग किया,,किसानों ने कहा कि जांजगीर चाम्पा जिला के किसानो को अगर 5 से 10 जुलाई तक पानी नहीं मिलेगी तो खेती किसानी मे पिछड़ जायगे और धान का उत्पादन मे भी कमी आएगी
संदीप तिवारी ( सचिव कृषक चेतना मंच )
राज शेखर सिंह ( अध्यक्ष कृषक चेतना मंच जांजगीर )
ब्यास कश्यप ( विधायक जांजगीर चाम्पा )
किसानो की मांग और पाजी के उपलब्धता के विषय मे कलेक्टर ने सिचाई विभाग के अधिकारियो से जानकारी लीं और कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान स्थिति मे बांगो बांध मे मात्र 25 प्रतिशत जल भराव है,,और किसानो को खेती के निए नहर के माध्यम से पानी देने के लिए डेम मे कम से कम 40 प्रतिशत पानी का भराव होने पर ही पानी उपलब्ध कराया जा सकता है,,उन्होंने कहा कि इस बैठक मे नहर मे पानी कब से मिलेगा इसका निर्धारण नहीं हो पाएगा,,इसके लिए बांगो डेम के कैच मेन्ट एरिया मे बारिश पर निर्भर करता है,,जब डेम का जल भराव 40 प्रतिशत होता तब नहर मे पानी खेती के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है
जन्मेजय महोबे ( कलेक्टर जांजगीर चाम्पा )
जांजगीर चाम्पा जिला मे 85 प्रतिशत खेती नहर के माध्यम से होता है,,और अन्य संसाधन किसानों के पास उपलब्ध नहीं है,,पहले 10 जुलाई तक नहर मे पानी दें दिया जाता था,,फिर भी टेल एरिया तक पानी पहुंचने मे काफी समय लग जाता था और टेल एरिया के किसान पानी के लिए परेशान रहते थे,,लेकिन इस बार जिला प्रशासन नहर मे पानी कब तक छोड़ेगी इसका निर्धारण नहीं कर पाई है,,जिसके कारण किसान धान बुआई के लिए असमंजस कि स्थिति मे है और इंद्र देव से पानी देने कि कामना कर रहे है



