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विद्यालय में ताला जड़कर धरना, छात्रों ने की शिक्षकों को हटाने की मांग, प्रशासन ने दिया आश्वासन,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

 

विद्यालय में ताला जड़कर धरना, छात्रों ने की शिक्षकों को हटाने की मांग, प्रशासन ने दिया आश्वासन,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकास खंड के ग्राम मड़वा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों ने दो शिक्षकों को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया, जिससे विद्यालय का संचालन बाधित हुआ। सूचना मिलने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम रत्न खंडे और तहसीलदार राज कुमार मरावी मौके पर पहुंचे और छात्रों की समस्याओं को सुना,,विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से दो शिक्षक, सुरेश दुबे और संतोष दास मानिकपुरी, लकवा से ग्रसित हैं।

 

एक शिक्षक बोलने में असमर्थ हैं जबकि दूसरे शिक्षक हाथ से लिखने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि इन परिस्थितियों के कारण उनकी पढ़ाई में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। दो माह पूर्व इस समस्या को लेकर छात्रों ने BEO को लिखित शिकायत भी की थी, परंतु इसके बावजूद अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई।छात्रों ने सोमवार सुबह 9 बजे से विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरना शुरू किया। सूचना मिलते ही BEO और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाया।अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए शीघ्र ही एक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, दोनों प्रभावित शिक्षकों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजने की बात भी कही गई। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया और विद्यालय का ताला खोल दिया।कक्षा 8वीं की एक छात्रा ने बताया कि सुरेश दुबे और संतोष दास मानिकपुरी प्रभावी ढंग से पढ़ा नहीं पाते हैं। छात्रों को अक्सर अपनी पुस्तकें खुद से पढ़नी पड़ती हैं और किसी प्रश्न का उत्तर न मिलने पर उन्हें गाइड की सहायता लेने की सलाह दी जाती है। छात्रा ने यह भी शिकायत की कि दोनों शिक्षक अक्सर गुटखा खाते हुए कक्षा में आते हैं, जिससे कक्षा में बदबू फैलती है और कई बार थूक भी छात्रों पर गिर जाता है।विद्यालय में इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की तत्परता की आवश्यकता है ताकि छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न हो और वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

 

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