आनंदम धाम में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन,भागवत गीता के उपदेशों से सिखा रहे जीवन जीने की कला

आनंदम धाम में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन,भागवत गीता के उपदेशों से सिखा रहे जीवन जीने की कला
जांजगीर चाम्पा जिले के आनंदम धाम में इन दिनों श्रीमद भागवत ज्ञान सप्ताह महोत्सव का आयोजन हो रहा है,,इस महोत्सव में आचार्य देशमुख वशिष्ठ जी महाराज भागवत कथा सुना रहे हैं,,वे भागवत गीता के उपदेशों को आज के समय से जोड़कर लोगों को जीवन जीने की कला सिखा रहे हैं,,महाराज को सुनने के लिए महिलाओं और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है,,मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा से उन्होंने 5 साल की उम्र से ही सत्संग शुरू कर दिया था और अब पूरे देश में भागवत कथा,,रामकथा और शिवकथा का प्रवचन करते हैं,,वे पुराणों के गूढ़ रहस्यों को आसान भाषा में समझाते हैं ताकि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके
आचार्य देशमुख वशिष्ठ जी महाराज जी ने कहा
माता-पिता के चारों पैर ही चारों धाम हैं,,किसी तीर्थ जाने की जरूरत नहीं, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा करना ही सबसे बड़ा तीर्थ है
प्रेमानंद महाराज और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के विषय में उन्होंने कहा कि दोनों ही विद्वान हैं और दोनों का ज्ञान अपार है,,प्रेमानंद महाराज ईश्वर प्रेम की चरम स्थिति पर हैं और दोनों ही सम्माननीय हैं
आचार्य वशिष्ठ महाराज ने महिलाओं के सम्मान पर भी विशेष जोर दिया,,उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथों में जिस स्थान पर महिलाओं का सम्मान होता है,,वहां देवताओं का वास माना गया है,,लेकिन आज पश्चिमीकरण के कारण रहन-सहन और खानपान बदल गया है,,बावजूद इसके सनातन धर्म आज भी चिरस्थायी बना हुआ है और रहेगा
महाराज ने अपनी कविता की कुछ पंक्तियाँ सुनाकर आज के हालात पर व्यंग्य किया
“मेरे मुरली वाले श्याम,अब तो तुझे आना होगा।
तेरे इंतजार में है सारा ही जमाना।
जिन्हें लोग पूजते हैं, वे आज कत्ल हो रही है।
और नेताओं की करतूतों पर मासूम जानें रो रही हैं।
ऐसे में बंसी वाले श्याम, अब तुझे आना ही होगा।



