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जांजगीर-नैला नगर पालिका चुनाव,,वार्ड 18 में सियासी घमासान,,आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

जांजगीर-नैला नगर पालिका चुनाव,,वार्ड 18 में सियासी घमासान,,आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू,,देखते रहिये एक खास खबर DADDU DABANG.IN पर

जांजगीर-नैला नगर पालिका चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर है,,वार्ड 18 में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है,,जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के प्रत्याशी एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं,,भाजपा प्रत्याशी दिनेश राठौर ने कांग्रेस प्रत्याशी सता राठौर पर मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उनके नामांकन को खारिज करने की मांग की है

बीजेपी प्रत्याशी दिनेश राठौर का आरोप है

दिनेश राठौर का आरोप है की सता राठौर का नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज है,,जो चुनावी प्रक्रिया का उल्लंघन है,,उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई,,तो वे इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे

कांग्रेस प्रत्याशी सता राठौर

दूसरी ओर,,कांग्रेस प्रत्याशी सता राठौर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है,,उन्होंने इसे भाजपा प्रत्याशी की “बौखलाहट” बताया है और कहा है कि यह उनकी हार की आशंका के चलते उठाया गया कदम है,,सता राठौर ने भाजपा पर राजनीतिक दुर्भावना के तहत उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया

चुनाव में बढ़ता तनाव

वार्ड 18 में इस विवाद के चलते चुनावी माहौल गरमा गया है,,समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बन चुके इस मुद्दे ने चुनाव को और अधिक रोचक बना दिया है,,राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का न केवल स्थानीय स्तर पर,,बल्कि पूरे नगर पालिका चुनाव पर प्रभाव पड़ सकता है

चुनाव आयोग पर सवाल

इस प्रकरण ने चुनाव आयोग की भूमिका को भी सवालों के घेरे में ला दिया है,,दिनेश राठौर का कहना है कि अगर ऐसी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,,तो यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है,,दूसरी ओर,,कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा है कि सच्चाई सामने आ जाएगी

चुनावी नतीजों पर असर

इस विवाद ने वार्ड 18 को पूरे चुनाव में सबसे चर्चित बना दिया है,,मतदाता भी असमंजस की स्थिति में हैं और देखना होगा कि यह आरोप-प्रत्यारोप का खेल मतदान पर क्या असर डालता है अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग के फैसले और इसके बाद की राजनीतिक घटनाओं पर टिकी हैं,,यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मामला अदालत तक पहुंचता है या स्थानीय स्तर पर ही सुलझा लिया जाता है

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