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कंजी नाले पर पुल का निर्माण अधूरा,जंग लगे सरियों से होगा काम गांवों की उम्मीदों पर फिरा पानी

कंजी नाले पर पुल का निर्माण अधूरा,जंग लगे सरियों से होगा काम गांवों की उम्मीदों पर फिरा पानी

जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के गोधना-शिवरीनारायण मार्ग पर कंजी नाले पर बन रहा पुल अब लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है,,सेमरा और रिंगनी गांव के बीच इस पुल का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया जा रहा है। 5 करोड़ 16 लाख 22 हजार रुपये की लागत से शुरू हुए इस काम की शुरुआत 21 अप्रैल 2023 को हुई थी और इसे एक साल के भीतर,,यानी 22 अप्रैल 2024 तक पूरा किया जाना था,,लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक केवल 40 प्रतिशत काम ही हो सका है।

हर साल डूब जाती है सड़क,अब भी नहीं मिली राहत

मानसून के मौसम में कंजी नाले पर पानी भर जाने से यह सड़क हर साल बंद हो जाती है,,जिससे करीब 20 गांवों का संपर्क ब्लॉक और जिला मुख्यालय से टूट जाता है,,ग्रामीणों की लंबे समय से मांग थी कि यहां ऊंचा और मजबूत पुल बनाया जाए ताकि बारिश में आवागमन बना रहे,,जब पुल का काम शुरू हुआ,,तो लोगों को उम्मीद थी कि अब राहत मिलेगी,,लेकिन समय पर काम पूरा न होने से अब फिर से चिंता बढ़ गई है।

धीमी रफ्तार और लापरवाही उजागर

पुल निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी है,,अब तक केवल नींव और कुछ पिलर ही तैयार हुए हैं,,पुराने पुल से लगभग 20 मीटर दूर नए पुल का काम शुरू किया गया,,लेकिन उसमें लगातार देरी हो रही है,,सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुल में इस्तेमाल हो रहे लोहे के सरियों में जंग लग चुका है,,फिर भी उन्हें बदले बिना निर्माण किया जायेगा,,इससे पुल की मजबूती और भविष्य की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं

अधिकारियों की चुप्पी और ठेकेदार की मनमानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण में हो रही लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी है,,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही,,ठेकेदार भी समय पर काम पूरा करने से बचता नजर आ रहा है,,लोगों को डर है कि आधे-अधूरे और कमजोर पुल से आगे चलकर बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

20 गांवों की उम्मीदों को झटका

सेमरा,,गोधना,,बेल्हा,,लोहर्सी,, कुकदा सहित आसपास के करीब 20 गांवों के लोग इस पुल से राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे,,लेकिन काम की हालत देखकर लोगों को लगने लगा है कि इस बारिश में भी उन्हें वैसी ही परेशानी झेलनी पड़ेगी,,जैसी हर साल होती है।

ग्रामीणों की मांग हो जांच,कार्रवाई हो

गांव वालों ने मांग की है कि इस पुल निर्माण की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और जो भी लापरवाह अधिकारी और ठेकेदार हैं,,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए,,साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि काम की गुणवत्ता से समझौता न हो और निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए,,ताकि बारिश में गांवों का संपर्क फिर से न टूटे।

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