युक्तिकरण के खिलाफ जांजगीर जिले के शिक्षक लामबंद, 28 मई को मंत्रालय घेराव में होंगे शामिल

युक्तिकरण के खिलाफ जांजगीर जिले के शिक्षक लामबंद, 28 मई को मंत्रालय घेराव में होंगे शामिल

जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जांजगीर जिले के शिक्षक अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। “छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन” की जिला इकाई ने रविवार रात 8 बजे एक ऑनलाइन बैठक की, जिसमें जिले के सभी ब्लॉक के पदाधिकारी, संकुल प्रमुख और सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।बैठक में तय किया गया कि 28 मई को नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) का घेराव किया जाएगा। यह प्रदर्शन “सर्व शैक्षिक संगठन” के बैनर तले प्रदेश के 23 प्रमुख शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर किया जाएगा,,बैठक का संचालन जिला सचिव दिनेश तिवारी और कार्यकारी जिला अध्यक्ष हरीश गोपाल ने किया। जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर के निर्देश पर यह रणनीति तैयार की गई। बैठक में यह मांग उठी कि युक्तिकरण यदि जरूरी है, तो वह पुराने सेटअप 2008 के आधार पर हो, ना कि नई मनमानी नीति के तहत,,शिक्षकों ने आरोप लगाया कि वर्तमान युक्तिकरण नीति मोदी सरकार की गारंटी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की भावना के विरुद्ध है। इससे हजारों स्कूल बंद हो रहे हैं, जबकि सरकार ने 57,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था,,बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि नए नियमों से हजारों शिक्षक अतिशेष हो जाएंगे और उनके समायोजन की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। इसके चलते न केवल शिक्षकों की भर्ती बंद हो जाएगी, बल्कि बेरोजगारी भी बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी,,इसके साथ ही, पुरानी पेंशन, पदोन्नति में B.Ed की अनिवार्यता समाप्त करने, और WA-261 प्रकरण के तहत सेवा गणना की मांगों को लेकर भी यह प्रदर्शन किया जा रहा है,,इस बैठक में 200 से अधिक शिक्षक ऑनलाइन जुड़े। प्रमुख रूप से उमा पांडे, छवि पटेल, दिलीप लहरे, गोकुल जायसवाल, अजय मधुकर, कृष्ण यादव, रामस्वरूप साहू, संजय चौहान, जयप्रकाश कश्यप, राजेंद्र राठौर आदि उपस्थित रहे,,फेडरेशन ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे 28 मई को रायपुर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और शिक्षा बचाने के इस अभियान में एकजुट होकर भाग लें।



