धान खरीदी पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी से किसानों की बढ़ी परेशानी,रकबा कम दर्ज होने से बिक्री पर संकट

जांजगीर चांपा जिले सहित प्रदेश सरकार ने इस साल 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का ऐलान कर दिया है,इसके लिए किसानों का पंजीयन एग्री स्टैक पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में किसानों को इस पोर्टल से बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है,पंजीयन के दौरान कई किसानों का रकबा गलत या कम दर्ज हो रहा है,इससे हजारों किसानों की धान बिक्री पर संकट मंडराने लगा है

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम जांजगीर ने राजस्व विभाग के आरआई,पटवारी और धान खरीदी केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल सुधार करने और किसानों का 100 प्रतिशत पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सुब्रत साहू ( एस डी एम जांजगीर )
कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि इस बार सॉफ्टवेयर में कई तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं,जिससे काम प्रभावित हो रहा है,वहीं उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस बार आउटसोर्सिंग के जरिए धान खरीदी कराने की तैयारी कर रही है,अगर ऐसा हुआ तो कई संविदा पर काम कर रहे ऑपरेटर बेरोजगार हो जाएंगे,फिलहाल ऑपरेटरों ने कहा कि जब तक धान खरीदी शुरू नहीं होती,वे किसानों के पंजीयन का कार्य जारी रखेंगे।
योगेश बरेठ ( कंप्यूटर ऑपरेटर )
पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने भी किसानों की परेशानी को अधिकारियों के सामने रखा,उन्होंने बताया कि पहले सभी किसानों का एकीकृत किसान पंजीयन हो चुका था,लेकिन इस बार एग्री स्टेक पोर्टल में नई प्रक्रिया और स्पष्ट जानकारी के अभाव में कई किसानों का कम खसरा दर्ज हो गया है,अब किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
धर्मेंद्र यादव ( जिला अध्यक्ष पटवारी संघ )
तकनिकी खामी के कारण सुधार कार्य भी अटक गया है,जिससे किसानों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर किसानों का पूरा रकबा पोर्टल में दर्ज कर दिया जाएगा ताकि खरीदी के समय किसी को परेशानी न हो।
मुख्य बातें
एग्री स्टेक पोर्टल में किसानों का रकबा कम दर्ज।
एसडीएम ने 100% पंजीयन के निर्देश दिए।
आउटसोर्सिंग के चलते ऑपरेटरों की नौकरी पर
संकट।पटवारियों ने तकनीकी गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।
किसानों की धान बिक्री पर संकट मंडराने लगा है।



