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रुंगटा यूनिवर्सिटी में नवाचार और उद्यमिता कार्यशाला संपन्न,अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बन सकेंगे स्टार्टअप उद्यमी

जांजगीर-चांपा रुंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से नवाचार,,डिजाइन और उद्यमिता क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया,,इस कार्यशाला में जांजगीर चांपा जिले से एम.पी. सिंह, गोपेश साहू और चक्रपाल तिवारी ने हिस्सा लिया,,यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग,,शिक्षा मंत्रालय के नवाचार सेल और के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था,,कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जिला स्तरीय अधिकारियों में नवाचार,,रचनात्मक सोच,,डिजाइन थिंकिंग और उद्यमिता क्षमता को बढ़ाना था,,यह बूट कैंप वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया 30 अक्टूबर को देश के 25 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में इस कार्यशाला की शुरुआत की गई थी,,छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय उद्घाटन रुंगटा यूनिवर्सिटी में हुआ, जहां कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी के नेतृत्व में विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारी,,डायट प्राचार्य और अधिकारी शामिल हुए,,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अजय देशपांडे,,नोडल अधिकारी (पीएम स्कूल समग्र शिक्षा, रायपुर) रहे,,सहायक समन्वयक आशीष गौतम,,नवाचार सेल के क्षेत्रीय समन्वयक आशीष त्रिपाठी,,सॉफ्टवेयर डेवलपर सागर हरिरामानी,,रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ जी. वेणुगोपाल,,एमिटी यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. सत्येंद्र पटनायक और वाधवानी फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर डॉ. अरविंद देशमुख ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई,,करीब 75 अधिकारी और प्रतिनिधि इस कार्यशाला में शामिल हुए,,प्रतिभागियों ने यूनिवर्सिटी के अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर,,ड्रोन लैब,,गूगल-माइक्रोसॉफ्ट लैब और सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी का भ्रमण भी किया,,कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना था,,अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी स्टार्टअप फंडिंग और ग्राउंड लेवल बिजनेस ट्रेनिंग का लाभ उठा सकेंगे,,कार्यक्रम के दौरान S.I.T. टीम ने शिक्षा अधिकारियों को बताया कि बच्चों में एंटरप्रेन्योरशिप की भावना जगाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए स्कूल स्तर से ही नवाचार को प्रोत्साहित करना जरूरी है,,रुंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी ने बताया कि प्रदेश का कोई भी स्कूली विद्यार्थी भारत सरकार द्वारा स्थापित इनक्यूबेशन सेंटर में पंजीयन कर स्टार्टअप की दिशा में कदम बढ़ा सकता है,,यूनिवर्सिटी उन्हें ट्रेनिंग से लेकर स्टार्टअप शुरू करने तक पूरा सहयोग देगी,,समापन सत्र में डॉ. रामकृष्ण राठौर, आयोजन समन्वयक व डीन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षा क्षेत्र में नई दिशा देने का काम करेंगी।

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