जांजगीर जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत, 29,810 मामलों का हुआ निपटारा, 3.81 करोड़ रुपये का अवार्ड पारित

जांजगीर चांपा जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर सहित जिले के सभी तालुका न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में 14 मार्च 2026 को वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया,,इस दौरान कुल 29,810 प्रकरणों का निराकरण किया गया और करीब 3 करोड़ 81 लाख 57 हजार 388 रुपये का अवार्ड पारित हुआ।

नेशनल लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में किया गया,,जिला न्यायालय जांजगीर में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी,,अधिवक्ता,जिला प्रशासन के अधिकारी,न्यायालय कर्मचारी,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी,पैरा लीगल वालेंटियर,टीसीएल महाविद्यालय के विधि छात्र-छात्राएं और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा ने नेशनल लोक अदालत के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी,उन्होंने बताया कि जिले में कुल 40 खंडपीठों का गठन किया गया था,जिनमें 44,811 मामलों को रखा गया था,इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का समझौते के जरिए निराकरण हुआ।
लोक अदालत में सुलझे कई रोचक मामले
मित्रता की मिसाल से सुलझा चेक बाउंस का मामला
लोक अदालत में एक चेक बाउंस के मामले में दो पुराने दोस्तों के बीच विवाद चल रहा था,पीठासीन अधिकारी ने उन्हें कृष्ण-सुदामा की मित्रता का उदाहरण देकर समझाया। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से आधी राशि में समझौता कर लिया और गले मिलकर मामला खत्म किया।
7 साल पुराने चेक बाउंस मामले का भी निपटारा
एक अन्य मामले में पिता ने बेटी की शादी के लिए पैसे उधार लिए थे,जिसे लेकर विवाद हो गया था,लोक अदालत में समझाइश के बाद परिवादी ने आधी राशि लेकर समझौता कर लिया और मामला समाप्त हो गया।
संपत्ति विवाद में वापस मिले 5 लाख रुपये
एक सिविल मामले में प्रतिवादी ने जमीन देने का वादा कर वादी से 5 लाख रुपये ले लिए थे,लेकिन बाद में रजिस्ट्री से इंकार कर दिया,लोक अदालत में समझौते के बाद प्रतिवादी ने पूरी रकम वापस कर दी और मामला खत्म हो गया।
पति-पत्नी फिर साथ रहने को हुए राजी
भरण-पोषण के एक मामले में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था,लोक अदालत में समझौते के बाद दोनों आपसी मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने के लिए तैयार हो गए और प्रकरण समाप्त हो गया।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कई पुराने मामलों का तेजी से समाधान होने पर लोगों ने न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार जताया।



